चंदौली। नौगढ़ तहसील के जयमोहनी भूर्तिया गांव में प्रसव पीड़ा से जूझ रही 30 वर्षीय गुड्डी ने अस्पताल पहुंचने से पहले एंबुलेंस में ही दम तोड़ दिया। इस हादसे में न केवल गुड्डी, बल्कि उसके अजन्मा बच्चा भी इस दुनिया को देखे बिना चल बसा।
बताया जा रहा है कि गुड्डी के पति निर्मल ने भोर में प्रसव पीड़ा शुरू होते ही 102 एंबुलेंस सेवा को कॉल किया। लेकिन एंबुलेंस को गांव पहुंचने में पूरे तीन घंटे का वक्त लग गया। इस दौरान गुड्डी दर्द से कराहती रही और कोई मदद नहीं मिल सकी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ पहुंचने से पहले ही उसकी सांसें थम चुकी थीं। अगर समय पर एंबुलेंस पहुंची होती, तो दोनों की जान बचाई जा सकती थी।
पति निर्मल मुंबई में मजदूरी करता है, अपने घर में एक नए जीवन का स्वागत करने की तैयारी कर रहा था। अब वह पत्नी और अजन्मे बच्चे को खोकर पूरी तरह टूट चुका है। तीन साल के मासूम सोनू के सिर से मां का साया छिन गया है। जिस घर में खुशियां मनाने की तैयारी थी, वहां मातम छा गया है।